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Dr. Vijay Kumar Verma
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डॉ. विजय कुमार वर्मा
डॉ. विजय कुमार वर्मा का जन साहित्य चिन्तकों-मनीषियों, साहित्यकारों की भूमि उत्तर-प्रदेश के बस्ती जनपद में प्रख्यात आलोचक रामचन्द्र शुक्ल के गाँव अगीना के निकट 1 जनवरी उन्नीस सौ तिरासी को कुसौरा नामक गाँव में हुआ। आपकी माता श्रीमती सुमित्रा देवी कुशल गृहणी, पिता श्री सुरेश चन्द्र वर्मा इण्टर कालेज के प्रधानाचार्य के पद से सेवानिवृत्त हुए। आपकी प्रारम्भिक शिक्षा बस्ती तथा उच्च शिक्षा सखनऊ विश्वविद्यालय लखनऊ से से हुई। यू. जी. सी. नेट की परीक्षा उत्तीण कर यहीं से पी. जी. डी. टी. तथा डॉक्टर आफ फिलास्फी की उपधि प्राप्त की। आप 14 वर्षों से शिक्षण कार्य में सलग्न हैं, रोवर्स-रेन्जर्स एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी तथा वाग्यप्रवाह पत्रिका के सह सम्पादक रहे। 50 से अधिक राष्ट्रीय एवं अन्तरराष्ट्रीय शोध-पत्रिकाओं में 15 शोधपत्र प्रकाशित आपको 'साहित्य भूषण' एवं 'विश्व हिन्दी सेवी सम्मान' मिता है। आपकी पुस्तक छायावादी आधुनिक अवधी काव्य' का प्रकाशन 2019 में हुआ तथा कहानी-संचयन डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, अयोध्या में बी. ए. (हिन्दी) भाग के दो पाठ्यक्रम में सम्मिलित है। वर्तमान में आप जवाहरलाल नेहरू मेमो.पी.जी. कालेज बारावंकी में असि. प्रोफेसर एवं शोध निर्देशक (हिन्दी) के पद पर कार्यरत है।
मो.: 904-4095003
ई-मेल: dr. vijakumarvertnagpal.com
डॉ. विजय कुमार वर्मा का जन साहित्य चिन्तकों-मनीषियों, साहित्यकारों की भूमि उत्तर-प्रदेश के बस्ती जनपद में प्रख्यात आलोचक रामचन्द्र शुक्ल के गाँव अगीना के निकट 1 जनवरी उन्नीस सौ तिरासी को कुसौरा नामक गाँव में हुआ। आपकी माता श्रीमती सुमित्रा देवी कुशल गृहणी, पिता श्री सुरेश चन्द्र वर्मा इण्टर कालेज के प्रधानाचार्य के पद से सेवानिवृत्त हुए। आपकी प्रारम्भिक शिक्षा बस्ती तथा उच्च शिक्षा सखनऊ विश्वविद्यालय लखनऊ से से हुई। यू. जी. सी. नेट की परीक्षा उत्तीण कर यहीं से पी. जी. डी. टी. तथा डॉक्टर आफ फिलास्फी की उपधि प्राप्त की। आप 14 वर्षों से शिक्षण कार्य में सलग्न हैं, रोवर्स-रेन्जर्स एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी तथा वाग्यप्रवाह पत्रिका के सह सम्पादक रहे। 50 से अधिक राष्ट्रीय एवं अन्तरराष्ट्रीय शोध-पत्रिकाओं में 15 शोधपत्र प्रकाशित आपको 'साहित्य भूषण' एवं 'विश्व हिन्दी सेवी सम्मान' मिता है। आपकी पुस्तक छायावादी आधुनिक अवधी काव्य' का प्रकाशन 2019 में हुआ तथा कहानी-संचयन डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, अयोध्या में बी. ए. (हिन्दी) भाग के दो पाठ्यक्रम में सम्मिलित है। वर्तमान में आप जवाहरलाल नेहरू मेमो.पी.जी. कालेज बारावंकी में असि. प्रोफेसर एवं शोध निर्देशक (हिन्दी) के पद पर कार्यरत है।
मो.: 904-4095003
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