Dr Yashpal Singh
About Dr Yashpal Singh
पिता : स्व. श्री बलजीत सिंह
जन्म तिथिः 15 जुलाई, 1960
योग्यता : मृदा विज्ञान एवं कृषि रसायन विज्ञान में विद्या वाचस्पति, मृदा विज्ञान में स्नातकोत्तर, कृषि वनस्पति विज्ञान में स्नातकोत्तर एवं वाराणसेय संस्कृत विश्व विद्यालय वाराणसी से संबद्ध आर्य महा विद्यालय गुरुकुल, किरठल (बागपत) से प्रथमा (संस्कृत) की उपाधि ।
अनुभव : पतंजलि अनुसंधान संस्थान, हरिद्वार में मुख्य सलाहकार के पद पर कार्यरत। मृदा विज्ञान, मृदा पोषक तत्व प्रबंधन, विभिन्न खाद्यान्न फसलों और सुगंधित एवं औषधीय पौधों का अनुसंधान संचालन और मार्गदर्शन सहित अनुसंधान एवं प्रसार के विभिन्न क्षेत्रों में 36 वर्षों के अनुभव के साथ गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, पंतनगर (उत्तराखंड) से कृषि वैज्ञानिक के पद से सेवानिवृत्त ।
सलाहकार एवं आजीवन सदस्य आर्य समाज और वैदिक संस्कृति के लिए आर्य महाविद्यालय गुरुकुल, किरठल (उत्तर प्रदेश) और गुरुकुल कांवश्रम, कोटद्वार (उत्तराखंड)।
विभिन्न शैक्षणिक और सामाजिक गतिविधियों में योगदान। "गौरव गाथा-भूले हुए नायकों का भारत" और "कीर्तिवंत किरठल" दो पुस्तकें प्रवासी प्रेम पब्लिशिंग, दिल्ली और अमृत प्रकाशन, दिल्ली द्वारा प्रकाशित की गई हैं।
प्रशासनिक अनुभव : प्रशासनिक दायित्वों और विभिन्न कल्याण समितियों के सदस्य ।
आवास : आकाशदीप एन्क्लेव, फेज-2 दिल्ली रोड, रुड़की (उत्तराखंड)।
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