
लेखक
Mohankrishn Vohra
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मोहनकृष्ण बोहरा
जन्म : 27 जुलाई, 1939 जोधपुर (राजस्थान)
तिताः एम. ए. हिन्दी व अंग्रेजी एस. एम. के. कॉलेज, जोधपुर सेवाकाल 1962 से 1997 तक राजस्थान सरकार के कॉलेज-शिक्षा विभाग में कार्य। राजकीय महाविद्यालय, ब्यावर एवं सिरोही में प्राध्यापक एवं स्नातकोत्तर विभागाध्यक्ष पद पर कार्य। राजस्थान स्कूल ऑफ ऑर्ट्स जयपुर, सांभर और बाँदी कुई स्नातक महाविद्यालयों में प्राचार्य श्री कल्याण राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय सीकर एवं चिमनपुरा (शाहपुरा) में प्राचार्य। राजस्थान कॉलेज-शिक्षा विभाग, जयपुर में संयुक्त निदेशक के पद पर कार्य करते हुए सेवानिवृत्त।
प्रकाशन : शिलीमुख (मानोग्राफ) राजस्थान साहित्य अकादमी, उदयपुर द्वारा प्रकाशित, तसलीमा के हक में (नेशनल पब्लिशिंग हाउस, जयपुर)। आलोचना के पूर्व-आयाम 280-24-25-raka.pd (नेशनल पब्लिशिंग हाउस, जयपुर)।, एलियट और हिन्दी साहित्य चिंतन (वाणी प्रकाशन, नई दिल्ली)। तसलीमा संघर्ष और साहित्य (वाणी प्रकाशन, नई दिल्ली)। समकालीन उपन्यास: पाठ और पुनःपाठ (साहित्य भंडार, इलाहाबाद)। समकालीन कहानी का नया वितान (शीघ्र प्रकाश्य), समकालीन आलोचना के अन्तर्विरोध, लोक के शास्त्र के प्रथमप्रणेता देवीलाल सामर, समीक्षा बनाम आलोचना, रचनाकार का संकट, आलोचना का परिदृश्य (राजस्थान के संदर्भ में), पूर्वग्रह, दस्तावेज, समकालीन भारतीय साहित्य, रंग-प्रसंग, वागर्थ, पुस्तक वार्ता, समास, संगना, हंस, रंगायन, मधुमती आदि पत्रिकाओं में आलोचनात्मक लेखन। 'जनसत्ता' में समीक्षात्मक लेखन। राजस्थान साहित्य अकादमी, उदयपुर के 'देवराज उपाध्याय आलोचना पुरस्कार से सम्मानित'।
सम्प्रति। कयेतर गद्य विधाएँ पुस्तक पर कार्यरत सम्पर्क: मनीष मंजिल, रघुनाथपुरा, सिवांची गेट, जोधपुर (राज.) 342001
जन्म : 27 जुलाई, 1939 जोधपुर (राजस्थान)
तिताः एम. ए. हिन्दी व अंग्रेजी एस. एम. के. कॉलेज, जोधपुर सेवाकाल 1962 से 1997 तक राजस्थान सरकार के कॉलेज-शिक्षा विभाग में कार्य। राजकीय महाविद्यालय, ब्यावर एवं सिरोही में प्राध्यापक एवं स्नातकोत्तर विभागाध्यक्ष पद पर कार्य। राजस्थान स्कूल ऑफ ऑर्ट्स जयपुर, सांभर और बाँदी कुई स्नातक महाविद्यालयों में प्राचार्य श्री कल्याण राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय सीकर एवं चिमनपुरा (शाहपुरा) में प्राचार्य। राजस्थान कॉलेज-शिक्षा विभाग, जयपुर में संयुक्त निदेशक के पद पर कार्य करते हुए सेवानिवृत्त।
प्रकाशन : शिलीमुख (मानोग्राफ) राजस्थान साहित्य अकादमी, उदयपुर द्वारा प्रकाशित, तसलीमा के हक में (नेशनल पब्लिशिंग हाउस, जयपुर)। आलोचना के पूर्व-आयाम 280-24-25-raka.pd (नेशनल पब्लिशिंग हाउस, जयपुर)।, एलियट और हिन्दी साहित्य चिंतन (वाणी प्रकाशन, नई दिल्ली)। तसलीमा संघर्ष और साहित्य (वाणी प्रकाशन, नई दिल्ली)। समकालीन उपन्यास: पाठ और पुनःपाठ (साहित्य भंडार, इलाहाबाद)। समकालीन कहानी का नया वितान (शीघ्र प्रकाश्य), समकालीन आलोचना के अन्तर्विरोध, लोक के शास्त्र के प्रथमप्रणेता देवीलाल सामर, समीक्षा बनाम आलोचना, रचनाकार का संकट, आलोचना का परिदृश्य (राजस्थान के संदर्भ में), पूर्वग्रह, दस्तावेज, समकालीन भारतीय साहित्य, रंग-प्रसंग, वागर्थ, पुस्तक वार्ता, समास, संगना, हंस, रंगायन, मधुमती आदि पत्रिकाओं में आलोचनात्मक लेखन। 'जनसत्ता' में समीक्षात्मक लेखन। राजस्थान साहित्य अकादमी, उदयपुर के 'देवराज उपाध्याय आलोचना पुरस्कार से सम्मानित'।
सम्प्रति। कयेतर गद्य विधाएँ पुस्तक पर कार्यरत सम्पर्क: मनीष मंजिल, रघुनाथपुरा, सिवांची गेट, जोधपुर (राज.) 342001
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