Anupam Mishra
About Anupam Mishra
अनुपम मिश्र का जन्म सन् 1948 ई. में हुआ। वे हिंदी के मूर्धन्य कवि भवानी प्रसाद मिश्र के सुपुत्र हैं। उनके जीवन के प्रारंभिक वर्ष छत्तीसगढ़ के एक छोटे से गाँव में बीते। उनकी प्रारंभिक शिक्षा हैदराबाद एवं मुंबई में हुई। बाद में वे दिल्ली आ गए और यहीं से संस्कृत में एम.ए. किया। उन्होंने सन् 1969 में गाँधी शांति प्रतिष्ठान में कार्यभार सँभाला।
लंबे अरसे तक नगरीय जीवन बिताने पर भी गाँव का मोह नहीं छूटा और इसलिए ग्रामीण संस्कृति की झलक उनके साहित्य में दिखाई देती है। मिश्र जी गाँधीवादी विचारक और एक सजग सामाजिक कार्यकर्ता हैं। पर्यावरण संबंधी समस्याओं पर उनकी पैनी दृष्टि रही है। पानी की समस्या पर उन्होंने विशेष ध्यान दिया और उन्हीं समस्याओं से संबंधित कार्यक्षेत्र में वे जुटे रहते हैं।
अनुपम मिश्र की रचनाओं में एक ओर भारत के गाँवों की मिट्टी की सोंधी गंध है तो दूसरी ओर ज्वलंत समस्याओं के प्रति विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण। इसीलिए अकाल, वर्षा, पानी जैसी समस्याओं ने उनके लेखन में महत्त्वपूर्ण स्थान प्राप्त किया है। उनकी भाषा सरल-सहज बोलचाल की भाषा है। आंचलिक शब्द उनकी रचनाओं में खूब बोलते हैं।
अनुपम मिश्र की प्रमुख रचनाएँ हैं 'आज भी खरे हैं तालाब', 'राजस्थान की रजत बूँदें। 'हमारा पर्यावरण पुस्तक के निर्माण में भी उनकी सक्रिय भूमिका रही है।
Books by the Author Anupam Mishra
-
Aaj Bhi Khare Hai Talab
Rs. 250.00 -20% OFF Rs. 200