Ed. Ratnashankar Pandey
About Ed. Ratnashankar Pandey
डा. रत्नशंकर पाण्डेय
25 जनवरी 1960 को वाराणसी के खेवली गांव में जन्मे डा. रत्न शंकर पाण्डेय कवि धूमिल और श्रीमती मूरत के पुत्र हैं। पिता कवि धूमिल की तरह आपका बचपन भी संघर्षमय रहा। जब आप 15 वर्ष के थे तभी पिता धूमिल जी का निधन हो गया । पिता की मृत्यु के बाद घर की जिम्मेदारियों के निर्वहन के साथ ही साथ उनकी अव्यवस्थित पाण्डुलिपियों और अप्रकाशित कृतियों का संकलन एवं संपादन का कार्य किया।
शिक्षा : काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी से पीएच.डी., भारतीय जीवन बीमा निगम के राजभाषा अधिकारी एवं प्रशासनिक सेवा के विभिन्न विभागों में कार्य करते हुए साल 2020 में सेवा निवृत्त । संस्थापक ः धूमिल शोध-संस्थान, धूमिल जन-संपर्क समिति
संपादित कृतियां : सुदामा पाँड़े का प्रजातंत्र, दूसरे प्रजातंत्र की तलाश में, धूमिल समग्र (3 खंडों में)
Books by the Author Ed. Ratnashankar Pandey
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75 Kavitayen : Dhumil
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