
लेखक
Editor: Karmendu Shishir
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जन्म : 26 अगस्त, 1953, वाराणसी
मूल निवास : उनवांस, बक्सर, बिहार ।
शिक्षा : एम.ए. (हिन्दी), पटना विश्वविद्यालय, पटना
छात्र जीवन से वामपंथी राजनीति के सम्पर्क में आने के लगभग वर्ष भर पूरी तरह होलटाइमरी की । वहाँ से विमुख होकर फिर से पढ़ाई शुरू की और साहित्य लेखन में खुद को एकाग्र कर लिया, लम्बे समय तक प्रलेस (प्रगतिशील लेखक संघ) से जुड़े रहने के बाद अब संगठन के प्रति उदासीन ।
प्रकाशित कृतियाँ : बहुल लम्बी राह (उपन्यास), कितने दिन अपने, बची रहेगी जिन्दगी (कहानी–संग्रह), नवजागरण और संस्कृति (वैचारिक लेखक–संग्रह), राधामोहन गोकुल और हिन्दी नवजागरण (शोध समीक्षा), हिन्दी नवजागरण और जातीय गद्य परम्परा (गद्य–समीक्षा), 1857 की राजक्रान्ति : विचार और विश्लेषण, नवजागरणकालीन साहित्यकार : राधाचरण गोस्वामी, निराला और राम की शक्तिपूजा (आलोचना पुस्तिका) ।
पुस्तिकाएँ : हमारी भाषा, साम्यवादी, सवाल सिर्फ भाषा का नहीं, मतवाला मंडल, भोजपुरी चैता ।
सम्पादन : भोजपुरी होरी गीत (दो भाग), बसन्त गीत, सोमदत्त की गद्य रचनाएँ, राधाचरण गोस्वामी की प्रतिनिधि रचनाएँ, राधामोहन गोकुल की प्रतिनिधि रचनाएँ, राधामोहन गोकुल समग्र (दो खंड) और सत्यभक्त और साम्यवादी पार्टी ।
विशेष : नवजागरणकालीन पत्रकारिता : ‘सारसुधा–निधि’ (दो खंड), नवजागरणकालीन पत्रकारिता : मर्यादा (सहसम्पादन अच्युतानन्द मिश्र, छह खंड), मतवाला (तीन खंड), पहल (तीन खंड) का सम्पादन ।
सम्प्रति : जनवरी 2019 से अवकाशप्राप्त । गाजियाबाद में निवास ।
यात्राएँ : हाइडलबर्ग, स्टुटगार्ड, बर्लिन, पेरिस और प्राग ।
सम्पर्क : बी–301 किंग्सउड कोर्ट अपार्टमेन्ट गैलेरिया मार्केट के पीछे क्रॉसिंग रिपब्लिक गाजियाबाद (उप्र) 201016
फोन : 9431221073, 9643117674
मूल निवास : उनवांस, बक्सर, बिहार ।
शिक्षा : एम.ए. (हिन्दी), पटना विश्वविद्यालय, पटना
छात्र जीवन से वामपंथी राजनीति के सम्पर्क में आने के लगभग वर्ष भर पूरी तरह होलटाइमरी की । वहाँ से विमुख होकर फिर से पढ़ाई शुरू की और साहित्य लेखन में खुद को एकाग्र कर लिया, लम्बे समय तक प्रलेस (प्रगतिशील लेखक संघ) से जुड़े रहने के बाद अब संगठन के प्रति उदासीन ।
प्रकाशित कृतियाँ : बहुल लम्बी राह (उपन्यास), कितने दिन अपने, बची रहेगी जिन्दगी (कहानी–संग्रह), नवजागरण और संस्कृति (वैचारिक लेखक–संग्रह), राधामोहन गोकुल और हिन्दी नवजागरण (शोध समीक्षा), हिन्दी नवजागरण और जातीय गद्य परम्परा (गद्य–समीक्षा), 1857 की राजक्रान्ति : विचार और विश्लेषण, नवजागरणकालीन साहित्यकार : राधाचरण गोस्वामी, निराला और राम की शक्तिपूजा (आलोचना पुस्तिका) ।
पुस्तिकाएँ : हमारी भाषा, साम्यवादी, सवाल सिर्फ भाषा का नहीं, मतवाला मंडल, भोजपुरी चैता ।
सम्पादन : भोजपुरी होरी गीत (दो भाग), बसन्त गीत, सोमदत्त की गद्य रचनाएँ, राधाचरण गोस्वामी की प्रतिनिधि रचनाएँ, राधामोहन गोकुल की प्रतिनिधि रचनाएँ, राधामोहन गोकुल समग्र (दो खंड) और सत्यभक्त और साम्यवादी पार्टी ।
विशेष : नवजागरणकालीन पत्रकारिता : ‘सारसुधा–निधि’ (दो खंड), नवजागरणकालीन पत्रकारिता : मर्यादा (सहसम्पादन अच्युतानन्द मिश्र, छह खंड), मतवाला (तीन खंड), पहल (तीन खंड) का सम्पादन ।
सम्प्रति : जनवरी 2019 से अवकाशप्राप्त । गाजियाबाद में निवास ।
यात्राएँ : हाइडलबर्ग, स्टुटगार्ड, बर्लिन, पेरिस और प्राग ।
सम्पर्क : बी–301 किंग्सउड कोर्ट अपार्टमेन्ट गैलेरिया मार्केट के पीछे क्रॉसिंग रिपब्लिक गाजियाबाद (उप्र) 201016
फोन : 9431221073, 9643117674
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