Translator Gopal Ram Gahmari
About Translator Gopal Ram Gahmari
गोपाल राम गहमरी का जन्म पौष कृष्ण, आठ, गुरुवार, संवत् 1923 (सन् 1866) को उत्तर प्रदेश के जिला गाजीपुर के बारा में हुआ था और उनके पिता का नाम रामनारायण था। उन्होंने प्रथम श्रेणी में 'नार्मल परीक्षा' उत्तीर्ण की और संपादन के क्षेत्र में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया, जिसमें 'भारत भूषण' (बंबई साप्ताहिक, 1893), 'साहित्य सरोज' (मेरठ पाक्षिक, 1895), प्रथम हिंदी जासूसी मासिक पत्र 'गुप्तकथा' (मेरठ), 'बिहार बंधु' (पटना, 1907) और 'भारत मित्र' (कलकत्ता, 1899) जैसे पत्र-पत्रिकाएँ शामिल हैं। वे हिंदी में जासूसी उपन्यासों के जनक माने जाते हैं और उन्होंने 'जासूस' मासिक पत्र का संपादन 1900 से 1939 तक अपने गाँव गहमर से ही किया। उनकी साहित्यिक कृतियों में दो सौ से ऊपर मौलिक जासूसी व सामाजिक उपन्यास, बांग्ला से 'हीरे का मोल' और रवींद्रनाथ टैगोर की 'चित्रांगदा' का हिंदी अनुवाद, 'देश दशा' और 'जन्मभूमि' जैसे नाटक, तथा 'सोना शतक' और 'वसंत विलास' जैसे काव्य संग्रह प्रमुख हैं। हिंदी, उर्दू, फारसी, संस्कृत, बांग्ला और अंग्रेजी भाषाओं के ज्ञाता गहमरी जी का निधन 20 जून, 1946 को बनारस में हुआ।
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