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Hamari Rajbhasha Hindi
हिंदी हमारी राजभाषा है और इसे संयुक्त राष्ट्र महासंघ की भाषा बनाने के प्रयास भी चल रहे हैं। देवनागरी लिपि में लिखी जाने वाली इस भाषा को आर्य भाषा के नाम से भी जाना जाता है। इसे राष्ट्रभाषा के रूप में सबसे पहले स्वामी दयानंद सरस्वती ने स्वीकार किया था। इस भाषा में देश को एकता के सूत्र में बाँधने की शक्ति है। इस पुस्तक में हिंदी के विकास और व्याकरण की कहानी को सरल शब्दों में उकेरा गया है। सरल भाषा में आकर्षक चित्रों से सजी यह पुस्तक खासतौर से बच्चों और किशोरों के लिए तैयार की गई है, ताकि इसे पढ़कर बच्चे राजभाषा की महिमा जान सकें। इस पुस्तक में एक प्रश्नोत्तरी भी है, इसे हल कीजिए और अपने ज्ञान की परीक्षा आप स्वयं लीजिए ।
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