
लेखक
Laxminarayan Lal
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लक्ष्मीनारायण लाल
जन्म : 4 मार्च, 1927, वस्ती (उत्तर प्रदेश)
शिक्षा : एम.ए., पीएच.डी. ।
प्रकाशित कृतियाँ: नाटक 'अन्धा कुओं, श्मादा कैक्टस', 'सुन्दर रस', 'सूखा सरोवर', 'नाटक तोता मैना', 'रातरानी', 'दर्पण', 'सूर्यमुख', 'कलंकी', 'मिस्टर अभिमन्यु', 'कर्फ्यू', 'दूसरा दरवाज़ा', 'अब्दुल्ला दीवाना', 'यक्ष प्रश्न', 'व्यक्तिगत', 'एक सत्य हरिश्चन्द्र', 'सगुन पंछी', 'सव रंग मोहभंग', 'राम की लड़ाई', 'पंच पुरुष', 'लंका कांड', 'गंगा माटी', 'नरसिंह कथा', 'चन्द्रमा' ।
एकांकी संग्रह: 'पर्वत के पीछे', 'नाटक बहुरूपी', 'ताजमहल के आँसू', 'मेरे श्रेष्ठ एकांकी' ।
उपन्यास : 'धरती की आँखें', 'बया का घोंसला और साँप', 'काले फूल का पौधा', 'रूपाजीवा', 'बड़ी चम्पा छोटी चम्पा', 'मन वृन्दावन', 'प्रेम एक अपवित्र नदी', 'अपना-अपना राक्षस', 'बड़के भैया', 'हरा समन्दर गोपी चन्दर', 'वसंत की प्रतीक्षा', 'श्रृंगार', 'देवीना', 'पुरुषोत्तम' ।
कहानी-संग्रह: 'आनेवाला कल', 'लेडी डॉक्टर', 'सूने आँगन रस बरसै', 'नए स्वर नई रेखाएँ', 'एक और कहानी', 'एक बूँद जल', 'डाकू आए थे', 'मेरी प्रतिनिधि कहानियाँ' ।
शोध एवं समीक्षा : 'हिन्दी कहानियों की शिल्प-विधि का विकास', 'आधुनिक हिन्दी कहानी', 'रंगमंच और नाटक की भूमिका', 'पारसी हिन्दी रंगमंच', 'आधुनिक हिन्दी नाटक और रंगमंच', 'रंगमंच देखना और जानना' ।
सम्मान: सन् 1977 में संगीत नाटक अकादमी द्वारा श्रेष्ठ नाटककार के रूप में सम्मानित । सन् 1979 में साहित्य कला परिषद् तथा सन् 1987 में हिन्दी अकादमी द्वारा साहित्यिक योगदान के लिए पुरस्कृत हुए।
निवन: 20 नवम्बर, 1987
जन्म : 4 मार्च, 1927, वस्ती (उत्तर प्रदेश)
शिक्षा : एम.ए., पीएच.डी. ।
प्रकाशित कृतियाँ: नाटक 'अन्धा कुओं, श्मादा कैक्टस', 'सुन्दर रस', 'सूखा सरोवर', 'नाटक तोता मैना', 'रातरानी', 'दर्पण', 'सूर्यमुख', 'कलंकी', 'मिस्टर अभिमन्यु', 'कर्फ्यू', 'दूसरा दरवाज़ा', 'अब्दुल्ला दीवाना', 'यक्ष प्रश्न', 'व्यक्तिगत', 'एक सत्य हरिश्चन्द्र', 'सगुन पंछी', 'सव रंग मोहभंग', 'राम की लड़ाई', 'पंच पुरुष', 'लंका कांड', 'गंगा माटी', 'नरसिंह कथा', 'चन्द्रमा' ।
एकांकी संग्रह: 'पर्वत के पीछे', 'नाटक बहुरूपी', 'ताजमहल के आँसू', 'मेरे श्रेष्ठ एकांकी' ।
उपन्यास : 'धरती की आँखें', 'बया का घोंसला और साँप', 'काले फूल का पौधा', 'रूपाजीवा', 'बड़ी चम्पा छोटी चम्पा', 'मन वृन्दावन', 'प्रेम एक अपवित्र नदी', 'अपना-अपना राक्षस', 'बड़के भैया', 'हरा समन्दर गोपी चन्दर', 'वसंत की प्रतीक्षा', 'श्रृंगार', 'देवीना', 'पुरुषोत्तम' ।
कहानी-संग्रह: 'आनेवाला कल', 'लेडी डॉक्टर', 'सूने आँगन रस बरसै', 'नए स्वर नई रेखाएँ', 'एक और कहानी', 'एक बूँद जल', 'डाकू आए थे', 'मेरी प्रतिनिधि कहानियाँ' ।
शोध एवं समीक्षा : 'हिन्दी कहानियों की शिल्प-विधि का विकास', 'आधुनिक हिन्दी कहानी', 'रंगमंच और नाटक की भूमिका', 'पारसी हिन्दी रंगमंच', 'आधुनिक हिन्दी नाटक और रंगमंच', 'रंगमंच देखना और जानना' ।
सम्मान: सन् 1977 में संगीत नाटक अकादमी द्वारा श्रेष्ठ नाटककार के रूप में सम्मानित । सन् 1979 में साहित्य कला परिषद् तथा सन् 1987 में हिन्दी अकादमी द्वारा साहित्यिक योगदान के लिए पुरस्कृत हुए।
निवन: 20 नवम्बर, 1987
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