भक्तिकालीन कवियों के बारे में जानने के लिए अच्छी किताब है। कुछ कविताओं का गहरा विश्लेषण किया गया है। भक्तिकविता के सार को सरल भाषा में समझाया गया है। हिंदी साहित्य में रुचि रखने वालों के लिए अवश्य पढ़ने योग्य।
25% छूट
किताब के बारे में
मध्यकाल जितने विस्तृत फलक में फैला है और समाज के जितने अन्तर्विरोध उसमें मौजूद हैं, उनको दृष्टि में रखते हुए किसी एक निश्चित पक्ष को ही मानकर चलना रचनाकार के लिए आसान नहीं रह जाता, विशेषकर उन परिस्थितियों में जब प्रत्येक क्षेत्र में अराजकता का शासन हो, कलिकाल की सर्वव्यापकता हो । भक्तिकालीन कोई भी कवि समाज के इन अन्तर्विरोधों से अपने को मुक्त नहीं रख सकता था, विशेषतया उस मानसिकता में, जबकि वह अन्तर्विरोधों का साक्षात् भोक्ता भी हो । जर–जमीन के आधार पर विकसित कृषि संस्कृति के विस्तृत फलक और कई प्रकार की देशी–विदेशी संस्कृतियों के अन्तरावलम्बन की प्रक्रिया जिस ग्रामीण धुरी पर गतिशील है, उसमें विरोध ही जन्म ले सकते हैं, जो निश्चय ही सामन्ती उद्देश्यों के आश्रित और उनके द्वारा परिचालित होंगे । समाज का द्वन्द्वात्मक विरो/ा कारण–कार्य की प्रक्रिया से वर्गगत होने के कारण भक्ति काव्य के सारे कवियों की रचना धुरी को अलग–अलग हिस्सों में विभक्त कर देता है ।
मध्यकालीन हिन्दी भक्ति काव्य एक व्यापक कालखण्ड का समाजार्थिक आन्दोलन है, जिसमें कबीर, जायसी, तुलसी तथा सूर का स्वर समान रूप से प्रभावित करता है । उनका यह प्रभाव उस साधना का परिणाम है जो सहज संवेदनात्मक अनुभूतियों के द्वारा प्राप्त की गयी है । इस सन्दर्भ में उस साधना का स्वरूप लोक कल्याणकारी रहा है । संस्कारित होना सामाजिक विकास की प्रक्रिया है । निश्चय ही भक्ति काव्य के संस्कार लोक संस्कारों का प्रतिबिम्ब हो गये हैं । इस संस्कृतीकरण की प्रक्रिया में सामाजिक परिस्थितियों की भूमिका तो प्रमुख रही ही है, भक्ति कवियों ने भी अपनी मानसिकता का संस्कार सामाजिक संस्कारों के द्वन्द्व से किया है । इस प्रकार व्यक्ति और समाज के अन्तर्द्वन्द्व के परिणामस्वरूप भक्ति काव्य ने मानवीयता के मानदण्ड स्थापित किये हैं ।
आपकी पसंद के आधार पर
आपके लिए चुनी गई किताबें
इस डिवाइस पर आपकी देखी गई किताबों के आधार पर
पढ़ने के लिए नई किताबें
कुछ किताबें देखिए, फिर हम आपकी पसंद की किताबें सुझाने लगेंगे
पाठकों की समीक्षाएँ
किताब ख़रीदने वाले पाठकों की राय
Sahil KhanKishanganj
रेटिंग: 5 में से 4
आपको ये भी पसंद आ सकती हैं
Alochana/आलोचना की और किताबें
हाल में देखी गईं
इस डिवाइस पर आपकी देखी गई किताबें
पुस्तकालय, स्कूल या दुकान के लिए ख़रीद रहे हैं?
किताबों के नाम और प्रतियों की संख्या भेजें। हम WhatsApp पर दाम बता देंगे।
कोई और किताब ढूँढ रहे हैं?
हमारा पूरा सूची-पत्र डाउनलोड करें, या जो किताब साइट पर न मिले, उसके लिए हमें लिखें।
इस किताब की ख़रीद से जुड़े सवाल
यह किताब किन संस्करणों में मिलती है?
हार्डबैक: ₹296.25 (MRP ₹395)।
क्या कैश ऑन डिलीवरी (COD) की सुविधा है?
हाँ। चेकआउट पर कैश ऑन डिलीवरी चुनें, या UPI, कार्ड या नेट बैंकिंग से ऑनलाइन भुगतान करें।
मुझे कितने अंक मिलेंगे?
हर ₹100 की ख़रीद पर 2 अंक मिलते हैं। इस किताब के हार्डबैक संस्करण पर 6 अंक मिलेंगे, यानी अगले ऑर्डर पर ₹6 की छूट।
क्या सदस्यों को अलग से छूट मिलती है?
हाँ। सदस्यों को हर ऑनलाइन ऑर्डर पर 5% अतिरिक्त छूट मिलती है, और सदस्यता बिल्कुल मुफ़्त है। सदस्यता देखें।