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Bhojpuri Sahitya Evam Sanskrit Ke Vividh Aayam
देश-विदेश के शिक्षित समाज तथा उक्त विषय में रूचि लेने वालों का ज्ञानवर्द्धन करना, समसामयिक विमर्श को बढ़ावा देना, लोगों के एक समूह को किसी विशिष्ट विषय के बारे में शिक्षित करना, सूचित करना या उन्हें एक साथ लाना ही किसी संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य होता है। बात जब अर्न्तराष्ट्रीय संगोष्ठी की हो तो इसका फलक और भी व्यापक हो जाता है। भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद नई दिल्ली तथा मैथिली भोजपुरी अकादमी दिल्ली सरकार के सहयोग से, भारतीय भाषा केंद्र, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय नई दिल्ली द्वारा आयोजित अर्न्तराष्ट्रीय संगोष्ठी “मातृभाषाओं में अभिव्यक्त भाषा, साहित्य एवं संस्कृति के विविध आयाम, दिनांक 21-22 फरवरी 2024 को सम्पन्न हुई। इस संगोष्ठी में जितने शोध-पत्र पढ़े गए, उन्हीं में से कुछ लेखों को पुस्तकाकार रूप में संकलित किया जा रहा है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में इस बात पर जोर दिया गया है कि मातृभाषाओं के संरक्षण से ही भाषाओं तथा उससे सबंधित साहित्य एवं संस्कृति को बचाया जा सकता है।
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