- New product
Dekha Ek Sapna
प्यारे बच्चो। 'देखा एक सपना' संग्रह की सारी कहानियाँ खास आप सबके लिए लिखी गई हैं। इनमें गाँव और शहर का बचपन अपने नटखटपन और भोलेपन के साथ आपको हँसा देगा। हम चाहे कितने भी बड़े हो जाएँ, बचपन की यादें हमेशा दिल को खुशी देती हैं। भागती-दौड़ती ज़िंदगी में जब कहीं, कोई मासूम हँसी या कोई प्यारी-सी याद सामने आती है, तो ऐसा लगता है कि जैसे दिल में एक छोटी खिड़की खुल गई हो, जिसमें बचपन के किस्से जीवंत हो नाचने लगे। उन्हीं किस्सों को आपके लिए लिख रही हूँ अपने अध्यापकीय जीवन में मुझे देश के कई शहरों और गाँवों में, बच्चों के बीच समय बिताने का अवसर मिला। छोटे बच्चों का भोलापन और किशोरों की जिज्ञासा, हमेशा मुझे आकर्षित करती रही है। मुझे विश्वास है कि हर बच्चा खास और अनोखा होता है। मेरा बचपन उत्तर प्रदेश के एक छोटे-से गाँव में बीता। बाद में कस्बे और शहर की दुनिया को भी करीब से देखा। इन्हीं अनुभवों से इन कहानियों को रंग मिला है। बच्चों के लिए लिखना मतलब खुद बच्चा बनकर देखना, सोचना और महसूस करना। बचपन की यादों की गुल्लक खुली और सतरंगी किस्से काग़ज़ पर उतरने लगे। ये कहानियाँ पहले कई प्रतिष्ठित बाल पत्रिकाओं-जैसे-पायस,
You might also like
No Reviews found.