• New product

Gyan Ganga

(0.00) 0 Review(s) 
2025
9789395226288

Select Book Type

Earn 5 reward points on purchase of this book.
In stock

यह सूजन कोई साहित्यिक रचना नहीं है। इस कति के माध्यम से बस बोलचाल की भाषा में अपने अनुभव एवं अभिव्यक्ति को पाठक तक सम्प्रेषित करने का प्रयास किया गया है। हमारे दोनों पुत्रों (स्व० अंकुर अग्रवाल एवं श्रेय अग्रवाल (अंकित अग्रवाल) ने व्यावसायिक दायित्व का पूर्ण रूप से सफल संचालन करते हुए हमें व्यवसाय से थोड़ा समय निकाल कर सामाजिक कार्य एवं लेखन में समय देने का अवसर प्रदान किया है। पिता स्व० पन्ना लाल अग्रवाल एक व्यवसायी होने के साथ-साथ साहित्य में भी अति रूचि रखते थे तथा थोड़ा सा भी समय मिलने पर कोई न कोई साहित्य पढ़ते रहते थे। माँ गृहणी थीं तथा अति धार्मिक स्वभाव की थीं। उन्हें धार्मिक पुस्तकें पढ़ने का बड़ा शौक था । संभवतः इसी कारण हम भी विभिन्न साहित्य पढ़ने एवं कुछ न कुछ लिखने में सुखद अनुभूति करते रहे। हम जीवन के आरम्भिक काल में कुछ न कुछ लिखने का कार्य किये, किन्तु उन्हें संकलित न कर सके ।

You might also like

Reviews

No Reviews found.