- New product
Kavita Ki Zameen Aur Yatra Ka Aasman
कविता की ज़मीन और यात्रा का आसमान' शीर्षक पुस्तक की योजना अचानक बनी है, पर इसमें शामिल आलेख, आलोचना, पुस्तक समीक्षा, यात्रा-वृत्तान्त आदि पिछले दस-पन्द्रह सालों के लिखे गए हैं और कुछ एकदम नए भी हैं। इस पुस्तक के कुछ लेख देश की विभिन्न शीर्ष पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए हैं तो कुछ रचनाएँ देश-विदेश की विभिन्न जगहों में आयोजित राष्ट्रीय व अन्तर्राष्ट्रीय संगोष्ठियों में दिए गए व्याख्यानों के संशोधित एवं परिवर्तित रूप हैं। इस संकलन के कुछ आलोचनात्मक लेख संपादित ग्रन्थों से लिए गए हैं तो कुछ रचनाएँ देश-विदेश की विभिन्न जगहों की मेरी यात्राओं के यात्रा-वृत्तान्त हैं। अधिकांश रचनाएँ मुख्यतः हिन्दी भाषा एवं साहित्य पर केन्द्रित हैं तो कुछ मेरी मातृभाषा मलयालम से संबन्धित हैं। प्रस्तुत संकलन को दो खण्डों में विभाजित किया गया है, पहले खंड में अधिक मात्रा में कविता संबन्धी आलोचना है तो दूसरे खंड में देश-विदेश की यात्राओं के यात्रा-वृत्तान्त संकलित कर दिये गये हैं। इस पुस्तक में संकलित रचनाओं को पढ़कर स्थूल रूप से इनमें कोई व्यवस्थित योजना नहीं दिखेगी, पर ध्यान से देखने पर संकलन की रचनाएँ किसी न किसी रूप में एक-दूसरे से जुड़ी हुई नज़र आएँगी। मैंने इन रचनाओं में अधिक परिवर्तन नहीं किया है, पर कुछ नए संदर्भों को जोड़ा भर है। हिन्दी के वरिष्ठ आलोचक डॉ. बजरंग बिहारी तिवारीजी (प्रोफसर, हिन्दी विभाग, दिल्ली विश्वविद्यालय) ने पुस्तक के लिए पुरोवाक लिखकर मुझे उपकृत कर दिया है। उनके प्रति मैं सदैव आभारी रहूँगा। मैं अपने गुरुजनों, मित्रों और छात्रों का आभारी हूँ जिन्होंने मुझे इन रचनाओं को लिखने व प्रकाशित करने की प्रेरणा दी है। आशा है कि हिन्दी के सुधी पाठक इस पुस्तक का स्वागत करेंगे।
You might also like
No Reviews found.