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Muktibodh : Sampurna Kahaniya

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2025
978-93-48650-21-4

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जन्म : 13 नवम्बर, 1917, श्योपुर, ग्वालियर (मध्यप्रदेश) शिक्षा : 1953 में नागपुर विश्वविद्यालय से हिन्दी में एम.ए.। आजीविका: 20 वर्ष की छोटी उम्र में बड़नगर मिडिल स्कूल से मास्टरी आरम्भ। तत्पश्चात् शुजालपुर, उज्जैन, कलकत्ता, इन्दौर, बम्बई, बंगलौर, बनारस, जबलपुर आदि स्थानों पर। भिन्न-भिन्न नौकरियाँ-मास्टरी से वायुसेना, पत्रकारिता से पार्टी तक। नागपुर 1949 में आए। सूचना तथा प्रकाशन विभाग, आकाशवाणी एवं 'नया खून' में काम। अन्त में कुछ माह तक पाठ्य-पुस्तकें भी लिखीं। अंततः 1958 से दिग्विजय महाविद्यालय, राजनांदगाँव में प्राध्यापक । प्रकाशन: घोर जीवन-संघर्ष व व्यस्तता के बीच अध्ययन-अध्यापन-लेखन-पत्रकारिता-राजनीति की नियमित-अनियमित लेखन। 'चाँद का मुँह टेढ़ा है', 'भूरी-भूरी खाक धूल' (कविता-संग्रह); 'काठ का सपना', 'विपात्र', 'सतह से उठता आदमी' (कथा-साहित्य); 'कामायनी : एक पुनर्विचार', 'नई कविता का आत्मसंघर्ष', 'नये साहित्य का सौन्दर्यशास्त्र', 'समीक्षा की समस्याएँ', 'एक साहित्यिक की डायरी' (आलोचनात्मक) तथा 'भारत इतिहास और संस्कृति' । निघन: लम्बी बीमारी के बाद 11 सितंबर, 1964 को नई दिल्ली में।

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