सीधे सामग्री पर जाएँ

हर ₹100 की खरीदारी पर 2 अंक पाएँ, 1 अंक = ₹1और जानें

Sanchyan : Rachnawali /संचयन : रचनावली

Sanchayan : Swayam Prakash (3 Vol)

  • हार्डबैक
  • प्रकाशन वर्ष 2023
  • ISBN 978-93-92380-15-0
₹1,875 MRP ₹2,500 25% छूट

इस किताब पर आपकी बचत ₹625

संस्करण चुनें

स्टॉक में है, विक्रेता: नई किताब प्रकाशन

  • 38 अंक पाएँअगले ऑर्डर पर ₹38 की छूट
  • UPI, कार्ड या कैश ऑन डिलीवरीसुरक्षित भुगतान, जैसे चाहें
  • सीधे प्रकाशक सेमूल संस्करण, MRP से कम दाम पर
  • इस किताब के बारे में सवाल?WhatsApp पर पूछें
सदस्यों को ऑनलाइन ख़रीद पर 5% अतिरिक्त छूट। सदस्यता मुफ़्त।और जानें
पुस्तकालय या स्कूल के लिए 10 या ज़्यादा प्रतियाँ चाहिए?दाम पूछें

किताब के बारे में

हिन्दी कहानी लेखन में नयी कहानी आंदोलन के बाद जिन कथाकारों ने अपनी सर्वव्यापी गंभीर पहचान बनाई है उनमें स्वयं प्रकाश का नाम अग्रणी है । स्वयं प्रकाश ने कहानी लेखन में अपनी निजी शैली बनाई और अपनी कहानियों को प्रेमचंद प्रवर्तित प्रगतिशील कथा धारा से जोड़ते हुए भी उनकी मौलिकता बनाए रखी । उन्होंने लगभग तीन सौ कहानियों का लेखन किया जिनकी विषय विविधता चैंकाने वाली है । वे भारतीय किसान, मजदूर, सामान्य गृहस्थ और बच्चों को अपनी कहानियों का विषय बनाते हैं तथा वैचारिक स्तर पर भी भारतीय समाज के विभिन्न स्तरों का मूल्यांकन करते हैं । बतकही करते हुए अत्यंत सामान्य जीवन परिस्थितियों में कहानी बुन लेना स्वयं प्रकाश का कौशल है और इस कौशल का प्रारम्भिक परिचय उन्होंने श्नीलकान्त का सफ़रश् में दिया था जो अभी भी प्रासंगिक और लोकप्रिय बनी हुई है । बाद में वे मध्य वर्गीय जीवन के कोनों–अंतरों तक अपनी कहानी को ले गए तथा साम्प्रदायिकता, जातिवाद और भूमंडलीकरण को भी कहानियों का विषय बनाया । उनकी लिखी गई कहानी श्पार्टीशनश् पर फिल्म बनी और अनेक विश्वविद्यालयों ने उसे अपने पाठ्यक्रम में जगह दी । इसी तरह देश प्रेम पर श्नेताजी का चश्माश् कहानी अनेक वर्षों से स्कूली पाठ्यक्रम का हिस्सा रही है जो अपनी संवेदनशीलता में भी बारीक बात कह जाती है । संचयन के पहले खंड में स्वयं प्रकाश की सभी प्रतिनिधि और श्रेष्ठ कहानियों के साथ उनका अनौपचारिक गद्य भी डायरी की शक्ल में पढ़ा जा सकता है ।

पाठकों की समीक्षाएँ

किताब ख़रीदने वाले पाठकों की राय

–अभी कोई रेटिंग नहीं

यह किताब पढ़ी है? आपकी समीक्षा से दूसरे पाठकों को मदद मिलेगी।

समीक्षा लिखने के लिए लॉग इन करें
अभी कोई समीक्षा नहींSanchayan : Swayam Prakash (3 Vol) पर अपनी राय लिखने वाले पहले पाठक बनें।

आपको ये भी पसंद आ सकती हैं

Sanchyan : Rachnawali /संचयन : रचनावली की और किताबें

पुस्तकालय, स्कूल या दुकान के लिए ख़रीद रहे हैं?

किताबों के नाम और प्रतियों की संख्या भेजें। हम WhatsApp पर दाम बता देंगे।

कोई और किताब ढूँढ रहे हैं?

हमारा पूरा सूची-पत्र डाउनलोड करें, या जो किताब साइट पर न मिले, उसके लिए हमें लिखें।

इस किताब की ख़रीद से जुड़े सवाल

यह किताब किन संस्करणों में मिलती है?

हार्डबैक: ₹1,875 (MRP ₹2,500)।

क्या कैश ऑन डिलीवरी (COD) की सुविधा है?

हाँ। चेकआउट पर कैश ऑन डिलीवरी चुनें, या UPI, कार्ड या नेट बैंकिंग से ऑनलाइन भुगतान करें।

मुझे कितने अंक मिलेंगे?

हर ₹100 की ख़रीद पर 2 अंक मिलते हैं। इस किताब के हार्डबैक संस्करण पर 38 अंक मिलेंगे, यानी अगले ऑर्डर पर ₹38 की छूट।

क्या सदस्यों को अलग से छूट मिलती है?

हाँ। सदस्यों को हर ऑनलाइन ऑर्डर पर 5% अतिरिक्त छूट मिलती है, और सदस्यता बिल्कुल मुफ़्त है। सदस्यता देखें।

Sanchayan : Swayam Prakash (3 Vol)हार्डबैक
₹1,875₹2,500
कार्ट देखें
Sanchayan : Swayam Prakash  (3 Vol) - किताब का कवर इस किताब के बारे में पूछें