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Nangi Aawazen Tatha Anya Kahaniya

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2026
9789347602399

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भोलू और गामा सगे भाई थे। दोनों अत्यंत परिश्रमी । भोलू कलईगर था। सुबह धौंकनी सिर पर रखकर निकलता और दिन-भर शहर की गलियों में, 'भाँडे कलई करा लो' की आवाजें लगाता रहता था। शाम को घर लौटता तो उसकी तहमद की अन्टी में तीन-चार रुपये का करियाना जरूर होता। गामा खोंमचा लगाता था। उसको भी दिन-भर छाबड़ी सिर पर उठाये घूमना पड़ता था। तीन-चार रुपये वह भी कमा लेता था, लेकिन उसे शराब की लत थी। संध्या को दीने के भटियारखाने में खाना खाने से पहले एक पाव शराब उसे जरूर चाहिए थी। पीने के बाद वह बहकता। दीने के भटियारखाने में रौनक लग जाती। सबको मालूम था कि वह पीता है और इसी के सहारे जीता है। भोलू ने गामा को, जो उससे दो साल बड़ा था, बहुत समझाया कि देखो, यह शराब की लत बहुत बुरी है; शादीशुदा हो; बेकार पैसा बरबाद करते हो; यही, जो तुम हर रोज एक पाव शराब पर खर्च करते हो, बचाकर रखो तो भाभी ठाठ से रहा करे; नंगी-बुच्ची अच्छी लगती है तुम्हें अपनी घरवाली?...गामा इस कान सुनता, उस कान उड़ा देता। भोलू जब थक-हार गया, तो उसने कहना-सुनना ही छोड़ दिया। दोनों ही शरणार्थी थे। एक बड़ी बिल्डिंग के साथ सर्वेट क्वार्टर थे। इन पर, जहाँ औरों ने कब्जा रखा था, वहाँ इन दोनों भाइयों ने भी एक क्वार्टर को, जो दूसरी मंजिल पर था, अपने रहने के लिए महफूज कर लिया था।

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