• New product

Rabindranath ke Geeto ki Antarkatahyein

(0.00) 0 Review(s) 
2026
9789347602351

Select Book Type

Earn 5 reward points on purchase of this book.
In stock

पुस्तक में रबीन्द्रनाथ के सौ से भी अधिक गीतों को केंद्र बनाकर उनकी रचना की अंतर्कथाओं की वर्णना है। उनके अनेक गीतों के साथ विशेष बटनाएँ जुड़ी हुई हैं, कभी उन्होंने किसी गीत की रचना विशेष परिवेश या प्रसंगवश की है या मित्रों के अनुरोध पर किसी उत्सव या अनुष्ठान के लिए उन्हें गीत लिखना पड़ा। जब हम रबीन्द्रनाथ के गीत सुनते या पढ़ते हैं, तो रचना के पीछे की कहानी या प्रसंग जानकर गीत की भावनाओं का नये सिरे से अनुभव करते हैं। इन जीवंत गीतों की पूर्वदृष्टि, परिवेश, घटना, पूर्वराग और सारमर्म को परिश्रमपूर्वक खोज कर रवि गीतों की अंतर्कथाओं को पाठकों के सामने लाने का यह एक विनम्र प्रवास है जो हिंदी भाषा में संभवतया पहली बार है। वैसे संकलन के सभी गीतों के पीछे कोई प्रत्यक्ष घटना या प्रसंग रहा हो यह भी आवश्यक नहीं है। यद्यपि गीतों के कालानुक्रम को अधिक महत्त्व नहीं दिया गया है फिर भी इन गीतों के माध्यम से रवीन्द्रनाथ के जीवन और दर्शन को रोचक ढंग से प्रस्तुत किया गया है-किशोरवय से लेकर मृत्यु-पर्यन्त । पुस्तक में हर गीत का हिन्दी अनुवाद भी प्रस्तुत किया गया है। समस्त उद्धरणों और गीतों का अनुवाद स्वयं लेखिका द्वारा किया गया है। अनुवाद में हर सम्भव उनकी मौलिकता, सुंदरता और मधुरता को बनाये रखने की कोशिश की गई है और जिनमें से अधिकांश को मूल गीत के सुर-लय में गाया भी जा सकता।

You might also like

Reviews

No Reviews found.