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Yugantar- Sanchayan ( Khand 1-4)
युगान्तर जात-पात तोड़क मंडल लाहौर द्वारा निकाली जाने वाली मासिक पत्रिका थी। इसका संपादन सन्तराम बी.ए. द्वारा किया जाता था। उत्तर भारत के अहिन्दी भाषी क्षेत्र पंजाब से निकलने वाली यह प्रमुख हिन्दी पत्रिका थी। इसका पहला अंक मार्च 1932 में निकला और अन्तिम अगस्त 1935 में। युगान्तार जात-पात तोड़क मंडल का मुखपत्र था अतः इसमें छपने वाले अधिकांश लेख जाति-पाति पर चोट करने वाले होते थे। यद्यपि कहानियों और कविताओं की मात्रा भी खूब रहती थी। परन्तु विषय इनका भी लगभग वही रहता था। संपादकीय तत्कालीन परम्परा के अनुसार छोटी-छोटी टिप्पणियों के रूप में चार-पाँच या कभी-कभी छः-सात की संख्या तक भी रहते थे। ज्यादातर संपादकीय सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों पर ही हुआ करते थे। स्थायी स्तम्भों के अन्तर्गत 'फुलवाड़ी', 'चुटकियाँ' और 'विचित्र संसार' रोचक स्तम्भ थे। फुलवाड़ी स्तम्भ में तत्कालीन अन्य पत्रिकाओं- सरस्वती, चाँद, हंस, विश्वमित्र, सुधा आदि में प्रकाशित रोचक समाचार यहाँ दिए जाते थे। यह समाचार मनोरंजक के साथ बड़े ज्ञानवर्धक होते थे। 'चुटकियाँ' शीर्षक के चुटकुले व 'विचित्र संसार' स्तम्भ में संसार की अजीबोगरीब घटनाएँ, आविष्कार या समाचार छपते थे। युगान्तर यद्यपि समाज-सुधार सम्बन्धी पत्र था परन्तु इसमें राष्ट्रीयता से ओत-प्रोत रचनाओं की भी कमी नहीं थी।
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